- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
हेल्थकेयर में एआई के उपयोग पर होगा दो दिनी सम्मेलन 12 सितंबर से
AI से जुड़े शोध, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर होगी चर्चा
इंदौर। चोइथराम कॉलेज ऑफ नर्सिंग 12 और 13 सितंबर को राष्ट्रीय सम्मेलन ‘Synergy-2K25’ का आयोजन करने जा रहा है। इस सम्मेलन का विषय ‘इंटरडिसकीप्लीनरी सिनर्जी: एआई एट द इंटरसेक्शन ऑफ हेल्थ, रिसर्च, एजुकेशन एंड प्रेपरिंग ग्लोबल हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स’ है। दो दिवसीय कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर मंथन होगा, जिसमें विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में इसके प्रभाव और संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
प्रिंसिपल और ऑर्गेनाइसिंग चेयरपर्सन प्रो. श्रीजा विजयन ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आईएएस विनीत जोशी होंगे। देशभर से स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता, शिक्षक और तकनीकी जानकार इस मंच पर शामिल होंगे।
आयोजन सचिव डॉ. प्रो. शीतल सक्सेना ने कहा, कार्यक्रम के पहले दिन आईआईटी इंदौर की डॉ. सौमी चट्टोपाध्याय ‘एक्सप्लेनेबल एआई’पर, आचार्य अच्युत गोपाल प्रभुजी ‘एआई और अध्यात्म’ पर, जबकि डॉ. अशोक शर्मा ‘वर्चुअल सिम्युलेशन से नर्सिंग शिक्षा पर विचार रखेंगे। इसी दिन स्वास्थ्य निगरानी और पब्लिक हेल्थ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर सीएमएचओ के Epidemiologist डॉ. अंशुल मिश्रा व्याख्यान देंगे।
दूसरे दिन डॉ. माया इंगले (डीएवीवी) ‘एआई युग में शिक्षा पर, अधिवक्ता प्रवीण बावसे ‘एआई से जुड़े कानूनी पहलुओं’ पर और आईआईआईटी हैदराबाद के जूडिश राज ‘एथिक्स एंड गवर्नेंस ऑफ एआई’ पर वक्तव्य देंगे।सम्मेलन के अंत में सांस्कृतिक संध्या और पोस्टर/पेपर प्रेजेंटेशन भी होंगे।
भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) ने इस सम्मेलन को 7.5 CNE घंटे / 1.5 CNE क्रेडिट मान्यता प्रदान की है। इसमें पूरे भारत से नर्सिंग संकाय सदस्य, स्टाफ नर्स, सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर, पब्लिक हेल्थ कोऑर्डिनेटर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHOs) और बी.एससी., एम.एससी. व पीएच.डी. स्तर के विद्यार्थी भाग लेंगे।


